रायपुर { वफादार साथी }| जैसे ही सतिंदर सिंह चहल, कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग संभाग - धमतरी ने कमान संभाली, तेजी से विकास कार्य धमतरी संभाग में चालू हो गया।
प्रभात सक्सेना को इनसे ट्यूशन लेना चाहिए।
जनता सवाल पूछता है कि प्रभात सक्सेना को लैब का इंचार्ज फिर से क्यों बना दिया गया, क्या प्राव
धान है।
जबकि होनहार इंजीनियर एस डी ओ आशीष नागपूरे पहले से ही लैब के चार्ज पर था।
प्रभात सक्सेना के पास जो दो मोबाईल हैं वो भी कितने कितने का है ये भी प्रभात सक्सेना के दोस्त पूछते हैं ???
अगर वर्षों से एक ही स्थान पर जमे सबइंजीनियर से लेकर उच्च स्तर तक के लोकसेवकों की सूची बड़ी लंबी चौड़ी है, कुछ तो ऐसे ही इंजीनियर हैं जिसकी नौकरी लगने के पहले झाड़ू पौछा लगाने की औकात थी अब 10 लाख रुपए का हीरा का जेवर, 10 हजार रुपए की सूट, 10 लाख की गाड़ी, बंगला, फैलेट, खेत, फार्म हाउस बना कर उनके बच्चे महंगे स्कूल में पढ़ रहे हैं जिसे संकेत के माध्यम से बताया जायेगा।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
