रायपुर {वफादार साथी}|पूरे भारत में व्यापारिक प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है की व्यापार एवं उद्योग निरंतर घाटे का सौदा हो गया है कुछ लोग को व्यापार एवं उद्योग करना नहीं आता कुछ लोग जिनको व्यापार एवं उद्योग करना आता है मगर परिस्थिति ऐसा आ जाती है कि व्यापार एवं उद्योग किसी मझधार में फंस जाता है जिन लोगों के पास अथाह धन है
वे भी व्यापार एवं उद्योग करने की कोशिश करते हैं मगर किसी कारण से सफल नहीं होते उन पर हमारी ""रिसर्च टीम ""ने बहुत अध्ययन कर समस्या का समाधान निकाला है।
समय-समय पर व्यापार एवं उद्योग का स्वरूप और तरीका बदलते रहता है किसी समय एसटीडी - पीसीओ, फोटोकॉपी, किराना दुकान, फैंसी दुकान, हार्डवेयर, मोबाइल दुकान इत्यादि में बहुत मुनाफा हुआ करता था बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते धीरे-धीरे मुनाफा कम होता गया और लेबर समस्या के कारण व्यापार एवं उद्योग लगभग लगभग घाटे का सौदा हो गया है उसके कई व्यापारिक, सामाजिक एवं राजनीतिक , प्रशासनिक कारण एवं समस्या है जिसका हम समाधान करने के लिए ""मार्केटिंग टीम"" तैयार किए हैं जो व्यापार एवं उद्योग में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए हमारी ""मार्केटिंग टीम "" आपको बेहतर मार्गदर्शन देंगे जिससे आपका व्यापार एवं उद्योग सुरक्षित एवं संरक्षित रहे तथा अच्छे से चल सके बिना मानसिक तनाव के व्यापार एवं उद्योग बहुत मुश्किल कार्य हो गया है।
अनेक ऐसे लोग हैं जब उनके ऊपर प्रशासनिक उलझन आती है तो घबराकर आनन-फानन में किसी मूर्खनेता या छूटभैय्या, अनपढ़ नेता के मूर्खतापूर्वक सलाह के कारण अपना व्यापार एवं उद्योग को और बर्बाद कर देते हैं अभी छत्तीसगढ़ के सभी व्यापार एवं उद्योग का एक समस्या है वह है स्टाफ का समस्या हर पांचवें दुकान में एक बोर्ड लगा मिलेगा या स्टीकर लगा मिलेगा या पॉपलेट लगा मिलेगा की दुकान एवं आफिस कार्य के लिए ""लड़के और लड़कों की आवश्यकता है "" इस समस्या का मैं आपको समाधान बता रहा हूं कृपया ध्यान से पढ़ें
अक्सर छत्तीसगढ़ में यह देखा गया है कि बाहर गांव से जो लड़के और लड़कियां काम करने के लिए प्राइवेट दुकान में आते हैं वह कुछ दिन काम करने के बाद दुकानदार या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एडवांस लेकर या चोरी करके निकल लेते हैं और किसी दूसरे शहर के दूसरे छोर में नौकरी करना चालू कर देते हैं फिर उसके यहां भी एडवांस लेकर और कुछ सामान चोरी कर किसी दूसरे शहर में जाकर प्राइवेट दुकान में नौकरी करते हैं इस तरह की समस्या व्यापारी भाई उद्योगपतियों द्वारा मुझे लगा था बताया जा रहा है।
ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनका सोशल मीडिया में फोटो, उनके गांव का नाम और उनके माता-पिता का नाम, उसका आधार कार्ड इत्यादि को सार्वजनिक किया जाएगा ताकि प्राइवेट दुकान में काम करने वाले ईमानदार लोगों की इज्जत हो और ""बेईमान, चोर, एडवांस"" लेकर भागने वालों को व्यापारी भाई एवं उद्योगपति चिन्हित कर सकें और उन्हें जेल की हवा खिला सकें।
कुछ प्राइवेट दुकान में काम करने वाले लड़कियों के बारे में तो बताने की जरूरत नहीं है वह लोग क्या करते हैं, सभी व्यापारी बंधुओं से निवेदन है कि इस ग्रुप को ज्वाइन करें और अपने सभी व्यापारी बंधुओं को भेजें ताकि चोरी करने वाले और एडवांस लेकर भागने वाले लड़के एवं लड़कियों को चिन्हित कर उसे जेल भेज सकें।
कुछ लोग ऐसे भी रहते हैं जो पहला महीना का तनखा लेने के बाद तुरंत उनको गांव का याद आना चालू हो जाता है और फिर वह लोग शराबी हो जाते हैं या किसी गरीबन लड़की से प्यार हो जाता है या फिर तीजा, पोरा, जन्माष्टमी, होली, दीपावली, हरेली, छठी, बरही, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा इत्यादि में तरह तरह का बहानाबाजी बताकर लंबा छुट्टी लेने का प्रयास करते हैं।
एक तरफ दो रुपए किलो चावल के कारण पूरे क्षेत्र में काम करने वालों का अकाल पड़ गया है और अधिकांश कोडीया एवं शराबी लोग कोई काम नहीं करते जिस कारण महंगाई एवं व्यापार में मंदी आ गया है, यही हाल कामवाली बाईयो का है।
ये लोग भी तरह-तरह का बहाना बनाकर लंबा छुट्टी लेते हैं और एडवांस लेकर भाग जाते हैं इन सब को ठिकाने लगाने का एक ही तरीका है कि जैसा ही आपको एडवांस चोरी करके भागे तो तुरंत उसका नाम, मोबाइल नंबर, उसका पता, उसके गांव का नाम और उसके माता पिता का नाम इस लिंक में सार्वजनिक करें और इस लिंक को सभी व्यापारी भाई चाहे वह किराना दुकान वाला हो, फैंसी दुकान वाला हो, हार्डवेयर वाला हो, लोहा दुकान वाला हो, सीमेंट दुकान वाला हो, फर्नीचर दुकान वाला हो, या कोई भी दुकान वाला हो या कोई भी उद्योगपति हो इस समस्या को हम सबको मिलकर लड़ना पड़ेगा इसके लिए मैं आगे आया हूं ।
आप सब लोग मेरा सहयोग दो और हो सके तो आर्थिक मदद भी करें ताकि इस तरह के लोगों से सख्त से सख्त तरीके से निपटा जा सके , किसी भी व्यापारी बंधुओं एवं उद्योगपति का कोई भी स्टॉप या कर्मचारी पैसा लेकर भाग जाता है तो आपका यह नाचीज़ { अनिल कुमार अग्रवाल } आपको बहुत ही वाजिब सेवा शुल्क लेकर आपकी मदद करने को तैयार है फ्री की उम्मीद ना करे समय ही पूंजी है, """ टाइम इस मनी """ विश्व के जाने माने डॉक्टर ने एक लेख में लिखा था अगर कोई आदमी गंदा पानी पी रहा है और मैं जाकर उसे बोलो कि मैं विश्व स्तर का डॉक्टर हूं और आपको फ्री में सलाह दे रहा हूं कि आप गंदा पानी पी रहे हो तो आपको बीमारी हो जाएगी तो वह मेरी बात का खिल्ली उड़ा कर मेरा कहना नहीं मानेंगे लेकिन जब वह मेरे ""मल्टीस्टोरी सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल "" में आते हैं एक घंटा लाइन लगाते हैं उसके बाद ""तगड़ा फीस "" देने के बाद जब उसको मैं एक पन्ने का कागज लिख कर दवाई खाने कहता हूं तो वह ""एक पन्ने के कागज ""को बहुत 20 वर्ष तक सहेज के रखता है और समय पर दवाई खाता है यह भारतीय लोगों के आम मानसिकता है इसलिए मैं फ्री में कोई कार्य नहीं करता जो कार्य करूंगा उसका सेवा शुल्क लेकर करूंगा ।
भले आदमी को पहले बुरा लगे लेकिन पहले ही बता देता हूं अगर किसी उद्योगपति और व्यापारी का कोई उसका स्टाफ या कर्मचारी पैसा लेकर भाग गया चोरी कर लिया या किस्म किस्म के बहाना बाजी कर रहा है उसका भी मेरे पास समाधान है मैं सेवा देने को तैयार हूं मगर आपको भी हमारे "" बिजनेस के नए आइडिया "" के लिए सेवा शुल्क देना पड़ेगा, अभी मेरे द्वारा व्यापार एवं उद्योग में व्याप्त मंदी के उबरने के लिए अभियान चलाया जा रहा है जिससे उबरने के उपाय भी मैं सेवा शुल्क लेकर आपको मार्केटिंग के नए आईडिया बताऊंगा जिससे कि हम ""बिना मानसिक तनाव ""के व्यापार एवं उद्योग को चला सके और मुनाफा कमा सके आपका यह नाचीज़ { अनिल कुमार अग्रवाल } कोई नेता नहीं है जो आपसे वोट मांगने आएगा या किसको वोट देना उसको वोट मत देना यह बोलेगा इसलिए आप किसी मुगालते में मत रहे और वास्तविकता को समझें, व्यापार एवं उद्योग के वास्तविक समस्या को समझने की आवश्यकता है और समझने के उपरांत उसका नया आइडिया भी आपको बताया जावेगा।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
