दुर्ग {वफादार साथी }| दुर्ग जिले का ग्राम पंचायत नगपुरा तेजी से विकास हो रहा हैं, यहां पर वर्षो से मांग थी कि कालेज खुले वह भी खुल गया मगर कालेज में जो सुविधा होना चाहिए वह नहीं हैं और एक पुल का भी निर्माण हो रहा हैं जिसे होनहार इंजिनियर देवेश कुमार माहेश्वरी - कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग दुर्ग ब्रीज डिविजन ब
ना रहा हैं यह ब्रीज तेजी से तभी बनाता जब ब्रीज के जानकर इंजिनियर सी के पांडेय या शिरीष चंद्र पड़ेगांवकर कार्यपालन अभियंता होते वैसे शिरीष चंद्र पड़ेगांवकर सेवानिवृत हो चुके है नए पी डब्लू डी के ब्रीज के जानकार इंजीनियरों की कमी हैं, ग्राम पंचायत नगपुरा के नागरिकों को उम्मीद है यह पुल तेजी से बन जावेगा अब देखना ये हैं कि इंजिनियर देवेश कुमार माहेश्वरी - कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग दुर्ग ब्रीज डिविजन का कार्य तेजी से होगा।
दुर्ग के ग्राम पंचायत नगपुरा यह नाचीज़ अनिल कुमार अग्रवाल की जन्मभूमि हैं किसी समय हमारे 3 पुश्त पूर्व पुरे गांव में इस नाचीज़ अनिल कुमार अग्रवाल के पूर्वजों की हुकूमत चलती थीं उस समय हमारे पूर्वजों ने इस ग्राम पंचायत नगपुरा की लगभग 1200 हेकटेयर में से 1000 हेकटेयर जमीन हमारे { इस नाचीज़ अनिल कुमार अग्रवाल } पूर्वजों की थी, राजशाही के जाने के बाद हमारे पूर्वजों ने होनहार लोगों ने इस ग्राम पंचायत को छोड़कर कुछ लोग उच्च शिक्षा प्राप्त कर विदेश चले गए, कुछ लोग डॉक्टर, इंजिनियर बन आज की राजशाही जिंदगी विभिन्न महानगर मुंबई, दिल्ली, चेन्नई नागपुर, रायपुर में जी रहे हैं ।
जिस प्रकार दुर्ग के ग्राम पंचायत नगपुरा का विकास होना चाहिए उस प्रकार विकास हुआ नहीं लगातार मांग के बाद सिर्फ कालेज खोला गया जबकि वहां पर मेडिकल कालेज खोलना चाहिए, वही नगपुरा में पुलिस चौकी ग्राम पंचायत से दूर खोला गया जबकि उसे बाज़ार चौक में पुलिस थाना खोला जाना चाहिए, बाज़ार चौक के पास बस स्टैंड खोला जाना चाहिए, पुलिस को नगपुरा बस्ती के अंदर निरंतर गस्त करना चाहिए नगपुरा को उप तहसील की आवश्यकता भी हैं वही नगर पंचायत की आवश्कता हैं जिससे नगपुरा के नागरिकों का जीवन स्तर में सुधार हो इतना ही नहीं उप स्वास्थ्य केन्द्र व पुलिस चौकी को भी बस्ती से दूर खोला गया जहां नगपुरा के नागरिक क्या परिंदा भी पर मारने नहीं जाता हैं।
इस तरह कुछ विकास हुआ है पर वो बिना प्लानिंग के किया गया है, विश्व प्रसिद्ध श्री नागदेवता के मन्दिर के लिए भी शासन से राशि नहीं मिली जबकि इस पर राशि की मांग लगातार नागरिकों के द्वारा किया जा रहा है, कलेक्टर दुर्ग, पुलिस अधीक्षक दुर्ग, कार्यपालन अभियंता, पी डब्लू डी, जल संसाधन, ग्रामीण यांत्रिकी, पी एच ई, महिला बाल विकास, वन विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वे नगपुरा के मनोवांछित श्री नागदेवता के मन्दिर जो कि नगपुरा बस्ती के भीतर हैं उसके दर्शन भी करे और उस के जो भी रोड़ रास्ता नाली लाइट की व्यवस्था करे तभी नगपुरा का विकास संभव होगा।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
