रायपुर {वफादार साथी }|अगर आयकर विभाग,E D व छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो सूक्ष्मता से जांच करे कि कौन कौन लोक सेवकों ने अपने खून पसीने की कमाई को कहां कहां लगाया है तो अनेक आश्चर्य जनक परिणाम आएगा।
बेमेतरा जिला के शासकीय भूमि को कब्जा से मुक्त करवाने के लिए ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच को चाहि
ए कि वे ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित कर तहसीलदार को भेजे और तहसीलदार उस पर बुलडोजर ऐक्शन लेवे।
मगर चुनाव जीतने के लिए कुछ जनप्रतिनिधि शासकीय भूमि के कब्जाधारियों के चापलूसी करते हैं जिस कारण ग्राम पंचायत की रोड़ से लगी बेशकीमती भूमि पर तेजी से राजनैतिक बाहुबली लोग कब्जा कर लिए हैं।
अब प्रशासनिक अधिकारी चाहे वो कितना भी बड़ा क्यों ना हो वो सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर देते हैं और जब हम जैसे लोगों को स्थानीय ग्रामीण मोबाइल पर बताते हैं कि शासकीय भूमि पर कब्जा हो गया तो अधिकारी जांच के नाम पर मौका पर बुला कर झगड़ा करवाने की चाल चलते हैं। मगर आपके यह नाचीज़ अनिल अग्रवाल का आदमी हर वार्ड, हर कालोनी, हर शहर और हर सरकारी टेबल पर है।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
