रायपुर { वफादार साथी }| कलयुग के राजा हरिश्चंद के कलियुगी अवतार व्ही श्रीनिवास राव जो कभी भी एक सेकंड के लिए भी ऑफिस अटैच नहीं हुए, चाहे ये वाली सरकार हो या वो वाली सरकार हमेशा मैंने स्ट्रीम के पद पर रहे। इन्हें होनहार एवं विद्वान सूचना आयुक्त माननीय आलोक चंद्रवंशी जी के आदेश का C/2231/2023 पालन करना चाहिए। { फोटो में
प्रदर्शित हैं }
वन विभाग के अधिकारियों के भव्य चैंबर में कितना खर्च हुआ है उसका आंकलन कर रहे हैं इसमें आपका भी विचार आमंत्रित हैं।
1.व्ही श्रीनिवास राव के पी सी सी एफ का चैंबर भव्य आलीशान बनाया गया है । जिसका व्यय लगभग 10 लाख रुपए होगा |
2. इसी तरह 3 पी सी सी एफ और हैं जिसके चैंबर का व्यय 30 लाख रुपए होगा।
3 इसी तरह पूरे प्रदेश के सी सी एफ जैसे रायपुर, दुर्ग, कांकेर एवं अन्य के 10 सी सी एफ और हैं जिसके चैंबर का व्यय 5 लाख रुपए के हिसाब से 50 लाख रुपए होता हैं।
4. इसी तरह पूरे प्रदेश के 25 डी एफ ओ जैसे रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर , धमतरी, कांकेर व अन्य और हैं जिसके चैंबर का व्यय 5 लाख रुपए के हिसाब से 5 गुणित 25=125 लाख रुपए होता हैं।
5. इसी तरह पूरे प्रदेश के 200 एस डी ओ एवं रेंजर जैसे रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर , धमतरी, कांकेर व अन्य और हैं जिसके चैंबर का व्यय 1 लाख रुपए के हिसाब से 1लाख गुणित 200 = 200 लाख रुपए होता हैं।
6. कंडिका 1 से लेकर 5 तक के विलासिता पूर्वक पी सी सी एफ से लेकर रेंजर के चैंबर खर्च का योग 10+30+50+125+200 लाख = 415 लाख
इसी प्रकार गाड़ी, बंगला, चौकीदार, ड्राइवर इत्यादि का खर्चा सिर्फ वन विभाग का जोड़े तो 10 करोड़ रुपए होगा। इन सब खर्चों को खत्म किया जाय और छत्तीसगढ़ के किसानों के अंतिम खेत तक पानी की व्यवस्था करना ज्यादा जरूरी है व स्कूल सफाई कर्मी, मितानिनों, डेली विजेश वालों को वेतन बढ़ाया जाय।
छत्तीसगढ़ राज्य का कुल कर्ज (आउटस्टैंडिंग लायबिलिटीज) वर्ष 2025 में लगभग 1,12,630 करोड़ रुपये अनुमानित है। यह आंकड़ा मुख्य रूप से आंतरिक कर्ज (इंटरनल डेब्ट) पर आधारित है, जो राज्य सरकार के प्रमुख कर्ज घटक का प्रतिनिधित्व करता है। यह राशि वर्ष 2024 के 96,657 करोड़ रुपये से लगभग 16.5% अधिक है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों और पूंजीगत व्यय के कारण है।
वन विभाग में ईमानदारी की बात आती है तो अनेक लोग ईमानदार हैं जैसे अरुण पांडे जिसके ईमानदारी की जितनी गाथा लिखे जाय कम है।
लोकनाथ पटेल DFO रायपुर ने ऐश्वर्या एम्पायर , मैग्नेटो माल के आगे , लभांडी में 2 बंगला एवं कुम्हारी के पास फार्म हाउस अपने खून पसीने की कमाई से खरीदा है प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में इन्होंने विभिन्न वन मंडल में रहते हैं अपने खून पसीने की कमाई से एक नंबर में धन संग्रह किया है। यह कही सुनी बाते हैं जिसकी हम पुष्टि नहीं कर रहे हैं। लोकनाथ पटेल अगर कोई अपना बयान देना चाहेंगे तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
पी एम और सी एम को चाहिए कि वो वन विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के अनुपातहीन संपति को जप्त करने के लिए E D, आयकर विभाग, E O W की 200 अधिकारियों की टीम के साथ ताबड़तोड़ छापा मार कर जिस प्रकार अनिल टुटेजा, टामन सिंह सोनवानी, सौम्या चौरसिया, रानू साहू सहित अनेक लोगों को जेल भेजे हैं उसी प्रकार वन विभाग के भ्रष्ट लोकसेवकों को जेल भेज।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
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