बिलासपुर { वफादार साथी }| प्रदेश का सौभाग्य है कि हमे केदार कश्यप जैसा "" होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री "" मिला जिसके राज में वन क्षेत्र के वनवासियों को अपना खोया हुआ अधिकार मिला है। वन क्षेत्रों में चल रहे कार्य और चल चुके कार्य और अधूरे कार्य का ब्यौरा वेबसाईट और सोशल मीडिया पर होना चाहिए ऐसा आदेश
" होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप " को निकालना चाहिए।
उदाहरण के तौर पर हम वनमंडल, बिलासपुर के कुछ तथ्य को प्रकाशित कर रहे हैं।
1.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनमंडल, बिलासपुर में लगे उसकी संख्या बताए ????
2.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनमंडल, बिलासपुर में लगे उसे कोई ना कोई कारण बता कर जनसूचना अधिकारी व वनमण्डलाधिकारी, बिलासपुर ने खारिज कर दिया, उसकी संख्या बताए ????
3.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनमंडल, बिलासपुर में लगे उसे जनसूचना अधिकारी व वनमण्डलाधिकारी, बिलासपुर राशि जमा करवा कर जानकारी दिया गया था ???
4.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर में लगे उसकी संख्या बताए ????
5.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर में लगे उसे कोई ना कोई कारण बता कर वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर ने खारिज कर दिया, उसकी संख्या बताए ????
6.दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक कितने आर. टी. आई. के आवेदन वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर में लगे उसे वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर राशि जमा करवा कर जानकारी दिया गया था ???
7. उदाहरण के तौर पर दिनांक 1/1/2024 से दिनांक 20/11/2025 तक आर. टी. आई. प्रतिदिन 5 आवेदक नाराज़ हो गए तो वो आगामी चुनाव में कितना असर डालेगी यह बात को " होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप " को समझाना चाहते हैं ।
एक दिन में 5 कुपित आवेदक जनसूचना अधिकारी व वनमण्डलाधिकारी, बिलासपुर व वनपरिक्षेत्र - बिलासपुर, कोटा , बेलगहना, रतनपुर के रवैय्या से नाराज़ होकर वर्तमान सरकार के खिलाफ़ 10 मतदाता को ये समझाते हैं कि वर्तमान सरकार पारदर्शी नहीं हैं और भ्रष्ट है तो ये स्थिति बनती हैं।
पहला दिन में 5 गुणीत 10 = 50 कुपित मतदाता
दूसरा दिन में 50 गुणीत 10 = 5,00 कुपित मतदाता
तीसरा दिन में 500 गुणीत 10 = 5,000 कुपित मतदाता
चौथा दिन में 5,000 गुणीत 10 = 50, 000कुपित मतदाता
पांचवां दिन में 50,000 गुणीत 10 = 5,00, 000 कुपित मतदाता
इस तरह 365 दिन गुणीत .....5 वर्ष = स्वयं आंकलन करे
आर टी आई आवेदक पेट्रोल में एक माचिस की चिंगारी की तरह कार्य करती हैं जो सबको जला देने में सक्षम रहता हैं।
ये सब कुपित मतदाता मन में रखे रहते हैं सत्ताधारी के सामने कुछ भी नहीं कहते उनके सामने मीठा - मीठा ही रहता हैं। जब सत्ता नहीं रहेगी तो यही वन परिक्षेत्र अधिकारी , वनमण्डलाधिकारी, मुख्य वन संरक्षक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पहचाने से इंकार कर देते हैं जैसे कि पिछली सरकार के लोगों को पहचाने से इंकार कर रहे हैं।
8.श्रीमति अश्वनी मेहरा, आर टी आई कार्यकर्ता, सिंधी कालोनी, जरहाभाठा, बिलासपुर की शिकायत दिनांक 20/3/2024 का क्या हुआ है इसको जानने के लिए हमने यह पता लगाने की कोशिश किया हैरतअंगेज तथ्य सामने आए।
9. पी सी सी एफ के पत्र क्रमांक / प्रशा. राज. /सम. /SO 2023 / 7334, नया रायपुर, दिनांक 18/7/2023
के मुताबिक मुख्य वन संरक्षक, बिलासपुर के कुल हानि प्रकरण 99, हानि की राशि 86,36,160=10, पत्र क्रमांक 614 एवं दिनांक 15 - 2- 23
10. श्री के डी धरतेश, से नि स व स तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी बिलासपुर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु आरोप पत्र का क्या हुआ ????
11. आरोप पत्र - श्री अनिमेष सिंह ठाकुर, तत्कालीन परिक्षेत्र अधिकारी तखतपुर, बिलासपुर के विरुद्ध निम्न आरोप थे - वित्तीय वर्ष 2018-19 में राशि रू. 21=97 लाख कार्यलयीन भवन निर्माण हेतु एवं राशि रू. 27= 04 लाख का वनपाल एवं वनरक्षक निवास गृह निर्माण हेतु किये गये आबंटन में वित्तीय अनियमितता किये जाने पर कार्या. पत्र कमांक/2121, दि. 04.03.2022 द्वारा आरोप पत्र जारी किया गया था। श्री अनिमेष सिंह ठाकुर के प्रतिवाद उत्तर एवं वनमंडलाधिकारी बिलासपुर के अभिमत पर स्पष्ट अभिमत प्राप्त किये जाने हेतु कार्या. पत्र कमांक/5804, दिनांक 07.06.2023 लेख किया गया। अभिमत अप्राप्त ।
12.बिलासपुर वृत्त के अंतर्गत जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कटघोरा, मुंगेली, कोरबा, अनु./ वि. बिलासपुर, बिलासपुर, धरमजयगढ़ एवं मरवाही वनमंडलों में वर्ष 2008-09 से 2018-19 की अवधि में असफल वृक्षारोपणों में वसूली आदेश जारी की गई है, लेकिन वसूली लंबित है।
"होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप " को चाहिए कि वे पी. सी. सी. एफ. से निकलने वाले सभी पत्रों को सोशल मीडिया एवं वेबसाइट पर डालने का सख्त आदेश देवे जिससे कि वन विभाग के पाई - पाई का हिसाब सार्वजानिक रहे।
"होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप " को मालूम हैं कि चुनाव जीतने के लिए कितने पापड़ बेलना पड़ता हैं , अगर वन विभाग के अधिकारी जनता को प्राप्त सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देंगे तो उसका असर आगामी चुनाव पर पड़ेगा, करोड़ों रूपये की लागत, संगठन की ताकत, विचारधारा सभी धरी की धरी रह जाती हैं जब जनता नाराज हो जाय, सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी नहीं देने वाले अधिकारियों का कोई खास कुछ नहीं बिगड़ता है, बिगड़ता है तो सिर्फ मंत्री का , चुनाव हारने के बाद वन अधिकारी झांकने तक नहीं जाते और पल्ला झाड़ लेते हैं।
"होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप" को चाहिए कि वो वनमंडल बिलासपुर के वन अधिकारी के पास अपने रोज अलग अलग 5 जासूस भेजे और उनसे वन मंडल बिलासपुर का फ़ीड बैंक लेवे इस तरह "होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप " को पता चल जायेगा कि कैसा व्यवहार हैं वन मंडल बिलासपुर के लोक सेवकों का जनता के प्रति, जिसकी समीक्षा अपने निष्ठावान एवं मंडल स्तर के भाजपा कार्यकर्ताओं से लेवे। सिर्फ बोल वचन से कुछ नहीं होता बिलासपुर के जमीनी भाजपा के कार्यकर्ताओं के घर का चूल्हा कैसे जले इसकी भी जिम्मेदारी "होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप "की है।"होनहार एवं ईमानदार वन मंत्री केदार कश्यप" को राज्य सूचना आयुक्त " माननीय आलोक चंद्रवंशी जी " के शिकायत प्रकरण के आदेश क्रमांक C/2231/2023 पालन होना चाहिए। { फोटो में प्रदर्शित हैं } यह सुनिश्चित करें और जो वन अधिकारी इसका पालन नहीं करते उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्यवाही की अनुशंसा की जाए तभी इनका अक्ल ठिकाने आयेगा।
लेखक - अनिल कुमार अग्रवाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
